डिस्कोनेक्ट और अनिश्चितता: यही वह दो शब्द हैं जो कि डिजिटल सुरक्षा में सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं। बहुत से लोग सोचते हैं कि वे हैकरों से सुरक्षित हैं, जब वे खुद ही सुरक्षा के सामर्थ्य की बुनियादी समझ से अनभिज्ञ होते हैं। यह विश्वासघात और अनिश्चितता का भंवर है। क्या आपने इसके नतीजों पर कभी गौर किया है?

पिछले कुछ वर्षों में कई डेटा उल्लंघनों का मर्म जानने वालों को शायद यह आभास होने लगा है कि इससे बचने का एक ही तरीका है: ज्ञान और सावधानी। उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए बनी तकनीकें इनके बिना अधूरी हैं। प्रश्न है कि क्या हम इस दिशा में कोई उल्लेखनीय सुधार कर पा रहे हैं?
अनुपयुक्त ज्ञान और तकनीकी समझ का अभाव हमारे ऑनलाइन सुरक्षा के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक है। इसमें कोई संदेह नहीं कि सावधानी उपयोगकर्ताओं की जिम्मेदारी होनी चाहिए, लेकिन क्या यह पर्याप्त है? सवाल यह है कि आपकी कोशिशों का स्तर क्या है? हो सकता है, आपकी संभावित गलतफहमियाँ आपकी तरह-तरह की समस्याओं का कारण बना हुआ हों।
यह सही है कि हम अपनी शिक्षा के आधार पर ही सावधानी अपनाने के लिए तैयारी करते हैं। इसके बगैर, हम स्वयं ही ऐसा अवसर बना सकते हैं जो कि हमें गैर-सुरक्षित बना दे। निश्चित ही, यह स्थिति गंभीर है। अब तक जो आपने पढ़ा, वह केवल शुरुआत थी…